मोदी भक्त आज तक रिपोर्टर नोटबंदी समर्थन रिपोर्टिंग करने आई थी, लोगों ने कर दी हालत खराब

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नोटबंदी की हकीक़त और उससे जूझ रहे लोगों को परेशानियों को दिखाने की हर कोई हिम्मत नहीं करता है। सिर्फ रवीश कुमार जैसे ही पत्रकार बचे है जो नोटबंदी से होने वाली परेशानियों को लोगों के सामने पेश कर रहे है। और उनकी तकलीफों को समझकर सबके सामने पेश करने की हिम्मत कर रहे है। लेकिन कुछ पत्रकार ऐसे भी है जिन्होंने आम जनता और गरीब इंसानों का दुःख न जानते हुए गलत रिपोर्ट दिखाते है।

ऐसे रिपोर्टर सच से मुंह चुराकर ऐसी ही रिपोर्टे दिखाते है जो कुछ भक्त लोग इस फैसले का सर्मथन करते है बिलकुल अंध भक्तों की तरह उनकी ही रिपोर्टिंग वह दिखाते हुए नजर आते है। और फिर इसके बाद अपने न्यूज़ पेपर और साईट पर यह खबर दिखाते है कि, 80 फीसद से ज्यादा लोग नोटबंदी के फैसले से खुश है। लेकिन गाँव-गाँव घूमकर गरीबों और किसानो के दर्द को दिखाने की हिम्मत हर किसी पत्रकार में नहीं होती है।

लेकिन जब आज तक की एक पत्रकारिता नोटबंदी के समर्थन में रिपोर्टिंग कर रही थी तब उन लोगों से उसका सामना हो गया जो इसकी तकलीफों को झेल रहे है। तब क्या होना था? भीड़ ने जमकर उसको सबक सिखाया और थोड़ी ही देर में अपनी बात साबित नहीं कर पाने के कारण वह भाग निकली। नोटबंदी के समर्थन में यह दिखाना चाह रही थी कि, इस फैसले से जनता खुश है लेकिन जब भीड़ का दर्द सामने आया तो वह बर्दाश्त नहीं कर सकी और उनसे नोटबंदी के समर्थन में बहस करने लगी।

लेकिन भीड़ ने आज तक की इस पत्रकार को जबरदस्त सबक सिखाया और थोड़ी देर में उसे वहां से भागना पड़ा अपनी गाडी में सवार होकर। इस विडियो से ये साबित हो गया कि, भक्त टाइप के भी पत्रकार है जो मोदी के इस फैसले को गलत नहीं मानते है और लोगों की परेशानियों को नहीं समझ रहे है। सिर्फ अपने स्वार्थ के खातिर ऐसी पत्रकारिता कर रहे है। रवीश कुमार और राजदीप सरदेसाई जैसे पत्रकार है जो सच्चाई से रूबरू करवाकर हमें हकीक़त दिखाते है। इससे पहले अभी हाल ही में नोटबंदी के दौरान रवीश कुमार जी का एक भक्त का सामना हो गया था, तब रवीश कुमार जी ने उस भक्त को जबरदस्त सबक भी सिखाया था और उसे लोगों की समस्या के बारें में भी बताया था।

लेकिन आज तक की इस पत्रकार ने नोटबंदी के सर्मथन में जब रिपोर्ट लेनी चाही तो भीड़ को यह बर्दाश्त नहीं हुआ और उसे जबरदस्त सबक सिखाते हुए वहां से भगा दिया। उसके बाद भीड़ में मौजूद लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ और मोदी के खिलाफ नारे भी लगाये और आज तक के खिलाफ भी नारे लगाये।

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