रवीश कुमार ने अरुण जेटली को फंसा दिया अपने ही बयान में: देखें विडियो

नोटबंदी के कारण जिन हालातों से आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बयान दिया है जिसे वह इस फैसले को आजादी से जोड़कर देख रहे है। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि, “इस फैसले को लागू करने के बाद इसके पीछे जो दर्द और पीड़ा छिपे हुए है वह हमें भी महसूस हो रहा है। लेकिन मीडिया वाले सिर्फ उस दर्द को ही दिखा रहे है लेकिन इसके पीछे जो आर्थिक और नैतिक सोच है उसे शो नहीं कर रहे है।”

अरुण जेटली ने नोटबंदी के उदहारण से आजादी से जोड़कर बताया कि, “जब उस समय भारत को आजादी मिली थी तब बहुत बड़ी संख्या में लोग पलायन किये थे जो आज तक एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। अरुण जेटली ने मीडिया पर सवाल खड़े करते हुए बताया कि, आज का जो ये 24 घंटे वाला मीडिया है वह इस दर्द को दिखाता या फिर जो देश को आजादी मिली थी उसको दिखाता? अरुण जेटली ने इस फैसले को जीवन की वास्तविकता से जोड़ते हुए बताया कि, इसके साथ ही जीना है।”

अरुण जेटली ने अपने भाषण में कहा कि, जब हिंदुस्तान को आजादी मिली थी तब हिंसा हुई थी और उसमें बहुत लोग मारे भी गए थे। इसके बाद अरुण जेटली ने पीएम मोदी की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि, इस फैसले को लेना बहुत ही कठिन था लेकिन मोदी जी ने कठिन परिस्थितियों से टकराते हुए इस सख्त फैसले को लिया। इसके बाद अरुण जेटली ने यह माना और कहा कि, “अब इसके परिणाम चाहे कुछ भी हो।”

अरुण जेटली के इस बयान पर रवीश कुमार उन्हें बहुत पीछे आजादी के समय में ले गए और वहां की उन्होंने सैर करवाई। वित्त मंत्री ने मीडिया पर सवाल खड़े कर दिए इसलिए रवीश कुमार ने भी इसका जवाब देना जरुरी समझा और उन्हें बताया कि, अरुण जेटली इस फैसले की तुलना आजादी से कर रहे है। सरकार के सांसद और नेता लोग लोगों के बीच भी जा रहे है इस फैसले को समझा रहे है। रवीश कुमार ने कहा कि, “क्या यह बात सिर्फ सरकार के विज्ञापनों के आधार पर ही पहुंची है? इसमें पत्रकारों और मीडिया का कोई रोल नहीं है? इसका फैसला तो दर्शकों को भी करना ही चाहिए।

 

देशभर में नोटबंदी के फैसले के कारण आम लोगों का रोजगार ख़त्म हो गया है मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल रही है। इसके कारण शादियाँ टूट रही है कई लोग अपनी जान भी गँवा चुके है लेकिन फिर भी धैर्य के साथ कतारों में खड़े ही है। रवीश कुमार ने आजादी के बाद दुसरे दिन मीडिया में छपी न्यूज़ को दिखाते हुए कहा कि, सभी मीडिया के न्यूज़ पेपर में फ्रंट पेज पर यही न्यूज़ दी गई थी देश आजाद हो गया है। उसी तरह रवीश कुमार ने नोटबंदी के एतिहासिक फैसले को दिखाते हुए मीडिया के न्यूज़ पेपर पर जो फ्रंट पेज पर न्यूज़ छपी थी उसे भी दिखा रहे है। शुरू में कई लोग इस फैसले की तारीफ कर रहे थे लेकिन जैसे ही इस फैसले के कारण समस्या बढ़ने लगी और बैंकों में कैश सुविधा नहीं मिलने के कारण लोगों का आक्रोश भी बढ़ने लगा। मोदी सरकार के कुप्रबंधन व्यवस्था के चलते यह फैसला गलत साबित होता दिखाई दिया।

loading...

Leave your reply