रवीश कुमार ने बिके हुए घटिया पत्रकारों और गुंडे भक्तों की पोल खोलकर रख दी

रवीश कुमार अपनी ईमानदारी की पत्रकारिता की वजह से देशभर में बहुत ज्यादा मशहूर हो चुके है। इसलिए पिछले साल रवीश कुमार को जर्नलिस्ट ऑफ़ द इयर का खिताब भी मिला, लेकिन रवीश कुमार ने आजकल सोशल मीडिया में चल रहे गाली-गलौज के बारें में चर्चा की और बताया कि, वह कैसे लोग है और उन्हें कौन लोग चला रहे है। रवीश कुमार से एक प्रोग्राम में पुछा गया कि, आपको क्या लगता है ये राजनीतिक हमले कौन लोग कर रहे है? इस पर रवीश कुमार ने बताया कि, ये लोग पोलिटिकली आर्गनाइज्ड है और इनकी संख्या बढ़ती ही चली जा रही है। रवीश कुमार ने बताया कि, आप परवाह करें या न करें, लेकिन ये लोग दिल्ली ही नहीं आपकी जड़ों तक आपको बदनाम करने में लगे हुए है।

इसमें सभी कर रहे है थोड़ा-थोड़ा लेकिन पलड़ा उसका भारी है जो सरकार की तरफ से आप पर हमले कर रहा है। निश्चित रूप से उसके पास पॉवर है और कहीं न कहीं से उसको ये शक्ति मिल रही है। रवीश कुमार ने इसके होने वाले नुकसान के बारें में बताया कि, अगर हम इनको स्वीकार करते चले गए तो इसकी वजह से जर्नलिस्ट के प्रोफेशन का नुकसान होने वाला है और साथ ही राजनीतिक संस्कृति का भी नुकसान होने वाला है। क्योंकि उसको ये बात पता नहीं है कि, कल अगर दूसरी राजनीतिक पार्टी उसके सामने खड़ी हो जाये और वह उतने ही फ़ोर्स के साथ उसके सामने इस्तेमाल कर ले, तो यह उसके हित में भी रोकने की आवश्यकता है।

इसके बाद रवीश कुमार ने बताया कि, सोशल मीडिया का एक्स्टेन्शन काउंटर अब टीवी हो चुका है। उसकी न्यूज़ रूम की दीवारे अब समाप्त हो चुकी है एडिटर न्यूज़ मीटिंग में खड़ा होकर अब टाइमलाइन की तरफ ज्यादा देखने लगा है। रवीश कुमार ने बताया कि, किस तरह से सोशल मीडिया में उन्हें गलियाँ दी जा रही है। रवीश कुमार को माँ की गाली देने पर रवीश कुमार ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि, उन्होंने कहा कि सौ फीसद भारत माता की औलाद। रवीश कुमार ने यह भी बताया कि, मेरी माँ अगर भारत माँ नहीं है तो फिर किसकी माँ है?

रवीश कुमार ने पत्रकारिता पर भी सवाल उठाते कहा कि, जो बहुत सारे जर्नलिस्ट एक दुसरे का ट्रोल करने में लगे हुए है। रवीश कुमार ने बताया कि, राज्यों की स्तिथि और ज्यादा खराब है। क्योंकि केंद्र की जो भी चीजे है उनके बारें में हम डिबेट कर लेते है। राज्यों की स्तिथि के बारें में तो हमें अंदाजा ही नहीं है कि, कितनी ज्यादा खराब है? एक बात और उन्होंने चर्चा करते हुए कहा कि, सचमुच हमारे पोलिटिकल कल्चर में यह गिरावट है कि, नेता लोग एक दुसरे से बात तक नहीं कर रहे है और इसका उदाहरण अभी देखने को मिला कि, अभी एक फर्जी तस्वीर आ गई पश्चिम बंगाल के चुनाव में। उसको सही करने के लिए प्रकाश कैरात ने कहा कि, मैं कभी राजनाथ सिंह से कभी मिला ही नहीं। रवीश कुमार ने बताया कि, मुझे इस बात की बहुत हैरानी हुई कि, इतने दिनों में राजनीति में होने के कारण अभी तक आप एक दुसरे से मिले तक नहीं। रास्ते अलग-अलग हो सकते है लेकिन एक दुसरे से मिलना जरुर चाहिए। रवीश कुमार ने ऐसे पत्रकारों की पोल खोलते हुए कहा कि, जो ट्रोल करने वाले पर अपना पूरा प्राइम टाइम उसी पर दिन रात दिखाने लगे तो लोगों की समस्या बहुत नीचे चली जाती है।

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