जानिए कब-कब गलत साबित हुए मीडिया के ये एग्जिट पोल, परिणाम में ये हालत हुई थी बीजेपी की

गुजरात में मतदान हो चुके है। कांग्रेस, बीजेपी समेत कई दलों की किस्मत अब ईवीएम में कैद हो चुकी है। साथ ही इसे लेकर अब एग्जिट पोल भी आने लगे हैं। गुजरात चुनाव के दूसरे चरण में 93 सीटों पर वोटिंग जैसे ही खत्‍म हुई वैसे सारे खबरिया चैनल लग गए एक्जिट पोल दिखाने।

एग्जिट पोल दिखाते हुए टाइम्स नाऊ-वीएमआर ने प्रेडिक्ट किया है कि गुजरात में भाजपा को 115, कांग्रेस को 64 तथा शेष सीट अन्य दलों को मिल सकती हैं। वहीँ रिपब्लिक-सी वोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक गुजरात में भाजपा को 108 और कांग्रेस को 74 सीट मिलने का अनुमान है।

एग्जिट पोल का पर्दाफाश !

न्‍यूज एक्‍स के अनुसार बीजेपी 110-120 सीटें जीतेगी। सीएनएन-आईबीएन के एक्जिट पोल के अनुसार गुजरात में बीजेपी को 109 सीटें मिलने जा रही हैं वहीं कांग्रेस को 70 सीटें मिलने का अनुमान है।

एग्जिट पोल नहीं होते वास्तविक परिणाम

सभी एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत तय बताई जा रही है। मगर इससे पहले भी कई बार ऐसा हुआ जब एग्जिट पोल गलत साबित हुए है।

पिछले ही साल तमिलनाडु में भी यहीं हुआ, जहां ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने यह अनुमान लगाया कि जयललिता की पार्टी AIADMK बुरी तरह हार रही है, लेकिन परिणाम सामने आए तो सभी को चौंका गए थे।

उससे पहले बिहार विधानसभा चुनाव में सारे चैनलों का एग्जिट पोल्स गलत साबित हुए। सभी एग्जिट पोल्स एनडीए गठबंधन को बहुमत की सरकार बना रही थी, लेकिन नतीजे इससे उलट आए।

एग्जिट पोल का पर्दाफाश-01

पिछले साल असम, केरल, पुदुचेरी और पश्चिम बंगाल के लिए दिखाए गए एग्जिट पोल्स काफी हद तक सटीक साबित हुए थे। 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में एबीपी-नील्सन सर्वे में महागठबंधन को 130 और एनडीए को 108 सीटें मिलने का अनुमान था।

टाइम्स नाउ ने सी-वोटर के साथ दिए सर्वे में महागठबंधन को 122 और बीजेपी लीडरशिप वाले एनडीए को 111 सीटें दी थी। लेकिन, नतीजे एकदम उलट थे और जनता ने महागठबंधन को 178 सीटों पर जीत दिलाई।

न्यूज़ 24 चाणक्य ने तो बिहार में भाजपा को 150 से ज्यादा सीटें मिलने के आसार जताए थे मगर आए महज़ 53 .

एग्जिट पोल का पर्दाफाश-02

अभी चुनावी नतीजे आने बाकी है इस लिए कुछ कहना या मान लेना जल्दबाजी होगी। चुनावी परिणाम तो 18 दिसंबर आने है,मगर इन सभी मुद्दों में जो बात सबसे बहुत अहम रही वो था चुनाव आयोग का बीजेपी को लेकर नर्म रुख इन सबसे ऐसा पहली बार हुआ है जब चुनाव आयोग पर सवाल उठने लगे है, जो की चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर शक पैदा करता है।

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