भक्तों की जबरदस्त परिभाषा बताई रवीश कुमार ने, धो डाला: देखें विडियो

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अभी हाल ही में राजदीप सरदेसाई ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि, “आप किसी के भी फेन बनिए महेंद्रसिंह धोनी के फेन बनिए, किसी फिल्म स्टार शाहरुख़ खान, ऋतिक रोशन के फेन बनिए या फिर किसी क्रिकेटर के फेन बनिए लेकिन कभी भी किसी राजनेता का फेन नहीं बनना चाहिए।” क्योंकि यह आपको सही और गलत को नहीं समझने देता है उस वक़्त आप फैसला नहीं कर पाते हो और उनकी गलतियों को आप नजरअंदाज कर देते हो।

हम सभी अच्छी तरह जानते है कि, अगर किसी राजनेता फेन बनना अपने ही देश को अंधकार की तरफ ले जाना होता है। राजदीप सरदेसाई सर ने यह भी बताया था कि, “हमारे ज़माने में तो कोई राजनेता का फेन नहीं होता था।” राजदीप सरदेसाई का सीधा निशाना भक्तों की तरफ ही था जो उन्होंने अपने इंडिया टुडे ग्रुप के लल्लन टॉप को इंटरव्यू दिया था।

अभी रवीश कुमार ने भक्तों की बहुत ही जबरदस्त परिभाषा अपने प्राइम टाइम में पेश की। क्योंकि इनकी खासियत यह है कि, ये बिलकुल अंध भक्त होते है और आपको सोशल मीडिया में अक्सर गालियाँ देते हुए मिल जायेंगे। और अपनी बात साबित करने के लिए कुछ भी उट-पटांग बातें करने लग जायेंगे। इस पर आपको हमेशा एक कहावत याद रखनी चाहिए कि, “आप कभी भी मुर्ख से नहीं जीत सकते हो, क्योंकि वह आपको हारने के लिए सबसे पहले आपको अपने लेवल तक लायेगा फिर वह मुर्ख अपने तजुर्बे से आपकी धुनाई कर देगा।”

ऐसा ही कुछ रविश कुमार ने बताया है भक्तों की परिभाषा जो अक्सर देखने को मिलती है क्योंकि कई बार रवीश कुमार भी भक्तों के शिकार हो चुके है और वह अक्सर उन्हें गालियाँ देते रहते है। रविश कुमार ने बताया कि, “उत्तर भारत के लोग भक्त के बारें में जानते है भक्त उत्तर भारत की राजनीती का वो नया तत्व है जिसका नाम तो भक्त है लेकिन संस्कार भक्त वाले नहीं है। उसकी भाषा गालियों की है, अंध समर्थन की है, मुर्खता की है। भक्त होना सियासत में बाहुबली बनना हो गया है, गुंडे का नया नाम है।”

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