कुमार विश्वास ने अपनी कविता से मोदी सरकार की कर दी हालत खराब

मोदी सरकार को ढाई साल बीत चुके है लेकिन अभी तक जिस तरह मोदी जी ने देशवासियों को अच्छे दिनों का वादा किया था वह अभी कहीं आस-पास भी नजर नहीं आ रहा है। अब तो नोटबंदी के पचास दिन भी बीत चुके है लेकिन अभी तक नोटबंदी के हालात सुधरते हुए नजर नहीं आ रहे है। नोटबंदी के दौरान पहले तो मोदी जी ने यह कहकर जनता को संबोधित किया कि, इस नोटबंदी के कारण कालेधन पर लगाम लगेगी, आतंकवादियों की फंडिंग रुकेगी और जाली नोटों की काला बाजारी बंद हो जाएगी। लेकिन इस फैसले के बाद सब उल्टा ही होता हुआ दिखाई दिया पिछले इन पचास दिनों में।

लेकिन जब कालेधन पर लगाम लगता हुआ नहीं दिखाई दिया तो मोदी जी ने नोटबंदी को भारत में कैशलेस सुविधा को बढ़ावा देने पर नोटबंदी के फैसले को जोड़ दिया गया। पहले तो कहा था कि पचास दिनों के बाद हालात सामान्य हो जायेंगे लेकिन अभी भी ज्यादातर एटीएम में कैश उपलब्ध नहीं है और जिनमें है तो उनमें अभी भी लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही है। मोदी जी ने कहा था कि पचास दिनों के बाद हालात पूरे सामान्य हो जायेंगे लेकिन अभी भी सिर्फ बैंक से साढ़े चार हजार निकालने का मोदी जी ने लोलीपोप दे दिया है।

मोदी सरकार के अच्छे दिनों की पोल सब अपने तरीके और अपने अंदाज में खोलते हुए दिखाई दे रहे है। वरुण ग्रोवर और संपत सरल जी के मोदी सरकार के अच्छे दिनों की पोल अपने व्यंग्य तरीके से खोलते हुए आप रुबुरु हो चुके है। आज हम आपको कुमार विश्वास की बनाई हुई और शानदार अंदाज में गाया हुआ एक कविता दिखा रहे है जिसमें उन्होंने मोदी जी के अच्छे दिनों की पोल खोलकर रख दी है। इस कविता में उन्होंने अपनी कविता की शुरुआत मोदी सरकार के अच्छे दिनों की पोल दाल के भाव जिस तरह आसमान छू रहे है उससे कविता की शुरुआत की है। इसके साथ उन्होंने तेल और मोदी जी के पाकिस्तान जाकर आने पर भी निशाना बनाया। कुमार विश्वास के साथ एक लेडी भी दिखाई दे रही है जो उनके सुर में सुर मिलाने के लिए खड़ी है।

कुमार विश्वास ने कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधते हुए बताया कि, पिछली सरकार ने 2जी घोटाले किये और इस मौजूद सरकार ने लाखों करोड़ों रूपये के कर्ज लुटा दिए। कुमार विश्वास ने अपनी कविता में कश्मीर और मजदूरों के हालात पर भी अपनी इस कविता में शामिल किया। मोदी सरकार के साधू संत मंत्रियों पर भी कुमार विश्वास ने शिकंजा कसा और बताया कि, बच्चे कितने पैदा करने चाहिए ये बातें हमे वो लोग बता रहे है जिन्होंने खुद शादी नहीं की है। इसके साथ ही मोदी जी की विदेशी यात्राओं पर भी कुमार विश्वास ने अपनी कविता में शानदार जवाब दिया है और साथ ही बताया कि, देश को विश्व गुरु बनाने के सपने देखें जा रहे है वहीँ हमारे देश में मजदूरों को अभी पूरी मजदूरी मिलनी ही मुश्किल हो रही है।

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