मार्कंडेय काटजू ने कहा, देश गुंडों और अपराधियों के हाथों में, इन्हें तो फांसी होनी चाहिए

पूर्व सुप्रीमकोर्ट जज मार्कंडेय काटजू अपने बोल्ड स्टेटमेंट और बयानों के चलते अक्सर चर्चा का विषय बने रहते है। काटजू अक्सर भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए नजर आते है इसलिए सोशल मीडिया में उन्हें गालियाँ भी सुननी पड़ती है। सुप्रीमकोर्ट के जज रह चुके काटजू राजनीति के बारें में भी काफी जानकारी रखते है। अभी कुछ समय पहले उन्होंने मनोरमा को इंटरव्यू दिया था, जिसमें उन्होंने देश की पार्टियों के साथ मोदी पर जमकर हमला बोला है।

मार्कंडेय काटजू खुले मिजाज व्यक्तित्व के धनी है इसलिए वह फर्जी और फ्रॉड नेताओं के खिलाफ भी अपनी बात खुलकर पेश करते है। इसके अलावा मार्कंडेय काटजू प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन भी रह चुके है। मार्कंडेय काटजू ने अपने इस इंटरव्यू में बताया कि, हमारे देश में कई ऐसे राजनेता है जिन्होंने देश को सिर्फ वोटबैंक के खातिर लोगों को आपस में बाँट रखा है।

जाति के नाम पर, धर्म के आधार पर इसलिए ऐसे लोगों को तो गोली से उड़ा देना चाहिए। जब उनसे भारतीय जनता पार्टी के बारें में पुछा गया तो उन्होंने बताया कि, ये पार्टी देश की जनता को धर्म के नाम पर बांटती है और इसके अलावा जो पार्टियां है वह जाति के आधार पर बांटने पर तुली हुई हैं। इन्होने कहा कि, इन नेताओं में कोई फर्क नहीं है सभी के सभी हरामी और नीच किस्म के है। मार्कंडेय काटजू ने बताया कि, “देश के लिए यह बहुत शर्म की बात है कि, एक महान देश जो अभी गुंडों के हाथों में है।

हमारे देश की हालत अभी बहुत खराब है सभी चीजों के भाव आसमान छू रहे है दाल भी 200 रूपये किलो के भाव तक पहुँच चुकी है। बेरोजगारी बढ़ती ही जा रही है और संसद में तो आजकल सिर्फ शोर ही मचाया जाता है कोई काम की बात नहीं की जाती है।” इसके अलावा कोर्ट भी अब एक मजाक बन चुका है क्योंकि केस को हल करने में ही तीस साल का समय बीत जाता है। काटजू ने अपने बयान में बताया कि, मैं कोर्ट का हिस्सा रह चुका हूँ इसलिए मुझे मालूम है कि, आधे से ज्यादा लोग कोर्ट में भी अब भ्रष्ट हो चुके हैं। इस देश में अब हर सिस्टम भ्रष्ट हो चुका है इसलिए देश को अब बदलाव की जरुरत है।

मार्कंडेय काटजू ने अपने इंटरव्यू के दौरान कई अहम बातें शेयर की है जिसमें उन्होंने साथ में यह भी बताया है कि, देश में हर चीज के लिए समस्या बढ़ती ही जा रही है। बेरोजगारी लगातार बढ़ती ही जा रही है इसलिए हालात दिन-दिन बदतर ही हो रहे हैं। विकास-विकास के नारे तो जरुर लगाए जा रहे है लेकिन आखिर है कहाँ विकास? मार्कंडेय काटजू से भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिक पर भी सवाल करने पर उन्होंने बताया कि, यह दोनों ही चीजे देश के लिए बहुत खतरनाक साबित हुई है ये दोनों ही देश की दुश्मन हैं।

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