पीएम मोदी के वाराणसी दौरे के दौरान जमकर हुआ विरोध प्रदर्शन, ‘आज़ादी के दुश्मन वापस जाओ’ के लगे नारे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय वाराणसी दौरे से पहले कल विपक्षी पार्टियों ने एकता का प्रदर्शन करते हुए उनके खिलाफ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। मोदी पर ‘लोकतांत्रिक मूल्यों’ को अनदेखा करते हुए ‘व्यक्तिगत अभिव्यक्ति की आज़ादी’ और ‘मतभेद’ की आज़ादी पर हमले करने का आरोप लगाया।

विपक्षी नेताओं ने कहा कि ” काशी की जनता लोकतंत्र की हत्या बर्दाश्त नहीं करेंगे और लोकतांत्रिक अधिकार के सुरक्षा की राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआत यहीं से होगी। ” प्रदर्शन में राज्य के पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल, पूर्व सांसद राजेश मिश्र, राम किशन यादव, पूर्व विधायक अजय राय, विधान परिषद के पूर्व सदस्य अरविंद सिंह आदि शामिल हुए।

कांग्रेस,समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), आम आदमी पार्टी (आप), अपना दल (कृष्णा पटेल समूह) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कई पूर्व सांसद, पूर्व विधायक बारिश के बावजूद हजारों कार्यकर्ता विरोध में शामिल हुए।

आपको बता दे कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे के दौरान मोदी जी को काफी विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है। आपको बता दे कि, बीएचयू कॉलेज की छात्राओं ने भी जमकर विरोध प्रदर्शन किया था और एक छात्रा ने अपने सिर मुंडवाकर विरोध प्रदर्शन किया था।

दरअसल छात्राओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ कैम्पस में लगातार छेड़खानी होती है और प्राक्टोरियल बोर्ड के सामने ही छात्र छेड़खानी करते है उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्राक्टोरियल बोर्ड के लोग भी छेड़खानी में शामिल रहते है इस वजह से कोई कार्रवाई नहीं होती है।

प्रोटेस्ट कर रही रश्मि ने बताया कि हॉस्टल की खिड़कियों पर लड़के पत्थर में लेटर लिखकर फेंकते है। खिड़कियों पर खड़ा होने पर लड़कियों को अश्लील इशारे करते हैं। विरोध करने पर कहते है, कैंपस में दौड़ाकर कपड़े फाड़ देंगे। छात्राओं ने बताया कि उनके साथ हास्टल के गेट पर क्लास में हर जगह आए दिन छेड़खानी होती है।

कल शाम को भी त्रिवेणी हास्टल के बाहर कुछ छात्राओं के साथ छेड़खानी हुई तो छात्राओं ने चीफ प्राक्टर प्रो.ओएन सिंह को फोन बताया तो कार्रवाई के बजाय उल्टा छात्राओं को ही वे भला बुरा कहने लगे है और कहा कि छ बजे के बाद हास्टल के बाहर क्यों घूम रही थी। फिलहाल अभी छात्रायें कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठी हुई और प्रशासन इस मामले पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

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