रवीश कुमार ने नए नोट की कालाबाजारी पर धोया मोदी सरकार को: देखें विडियो

नोटबंदी के कारण छोटे वर्ग से लेकर बड़े वर्ग के व्यपारियों को बहुत नुकसान भुगतना पड़ रहा है। आम आदमी कई दिनों तक घंटों में कतारों में लगने के बाद भी उन्हें सिर्फ एक दो हजार का नोट पाना जहाँ मुश्किल हो रहा है वहीँ दूसरी और ऐसी खबरें सामने आ रही है जहाँ पर करोड़ों रुपयें के नए नोट पकड़े जा रहे है और उनके यहाँ पर छापे मारे जा रहे है। NDTV के रवीश कुमार ने फिर से मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए हमला बोला है।

नोटबंदी के कारण व्यापारियों ने बताया कि, उन्हें 35 से 40 फीसद तक नुक्सान उठाना पड़ रहा है। नोटबंदी इसलिए ही की गई थी कि, भारत में चल रही कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। लेकिन कैश की किल्लत को देखते हुए और ज्यादा कालाबाजारी बढ़ चुकी है। रोज खबर आ रही है कि, इनकम टैक्स के छापे में इतने करोड़ रूपये नए कैश में मिले है। अब सवाल यह है कि, सिस्टम में इतनी बड़ी गड़बड़ियाँ पाई जा रही है कि बैंकों के अन्दर ही अन्दर सेटिंग हो रही है। जिसके कारण बड़े लोग आसानी से नए नोट एक्सचेंज करने में कामयाब हो रहे है।

रवीश कुमार ने अपने प्राइम टाइम के शो में इसकी ख़ास रिपोर्ट दिखाई है जिसमें उन्होंने बताया कि, नोटबंदी के बाद भारत में किस तरह से कालाबाजारी की जा रही है। आम आदमी तो वैसे ही मजबूर है लेकिन बड़े व्यापारी या बड़े लोग अपना बंदोबस्त किसी न किसी तरीके से कर ही रहे है जो खबरों के माध्यम से हमारे सामने आ रहे है। NDTV के पत्रकार छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े व्यापारियों तक नोट बंदी से होने वाली परेशानी और उनसे जुडी समस्याओं को दिखाने के लिए एक ख़ास रिपोर्ट तैयार की है।

जिसमें यह भी शामिल है कि, नोटबंदी के कारण मजदूरों को काम मिलने में बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। मजदूरों ने बताया कि, कैश की किल्लत होने के कारण सभी लोग मजदूरी में पुराने नोट देते है। जिन्हें बाद में एक्सचेंज करवाना पड़ता है इसलिए उनके लिए समस्या और ज्यादा है। नोटबंदी से सरकार भारत की कैशलेस इकॉनमी के सपने देख रही है लेकिन देश की जनता के ये हालात देखकर तो यही बात साबित होती है कि, भारत में अभी के समय में कैशलेस और प्लास्टिक मनी जैसी सुविधा लागू कर देना एक नामुमकिन काम है। क्योंकि इसके कारण गरीब लोग मर रहे है सबसे ज्यादा परेशानियाँ तो उन्हें ही हो रही है।

Leave your reply