पाकिस्तान की जीत पर रवीश कुमार का बयान, फेसबुक के उन्मादी यूजर्स जरूर पढ़ें

मैं क्रिकेट नहीं देखता फिर भी भारतीय टीम के साथ हूँ । वो लोग कमज़ोर होते हैं जो हार के वक्त साथ छोड़ देते हैं और हॉकी की जीत का जश्न मनाने लगते हैं। दरअसल, ऐसा करके हॉकी का मज़ाक उड़ा रहे हैं। अगर भारत जीत जाता तो तब भी क्या वे हॉकी की जीत को प्रमुखता देते? आज हॉकी का अपमान किया जा रहा है जो संयोग से राष्ट्रीय खेल है!

कई एंकर हॉकी की जीत का ट्वीट कर रहे हैं जैसे उनके चैनल पर हॉकी ही कवर हो रहा था। ठाकुर ने चिरकुटों की फौज बनाई है। भीड़ में रहते रहते ऐसे लोग बुज़दिल होते जा रहे हैं। अकेले चलिये ताकत का अंदाज़ा होगा। भारतीय क्रिकेट टीम उम्दा टीम है। हारते रहना चाहिए ताकि जीत का स्वाद बना रहे। दाल भात की तरह तो मैच होते रहते हैं। कल फिर जीत जायेगा।

आपको बता दे कि, फाइनल में टीम इंडिया को 180 रन से हराकर पाकिस्तान ने पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। टॉस जीतकर इंडियन कैप्टन विराट कोहली ने पहले बॉलिंग का फैसला लिया। पाकिस्तान ने 50 ओवर में 4 विकेट खोकर 338 रन बनाए। इतना बड़ा टोटल करने के लिए पाकिस्तान को मौका तब मिला, जब चौथे ओवर में जसप्रीत बुमराह की बॉल पर फखर जमान का कैच पकड़ा गया, लेकिन ये नो-बॉल हो गई।

जमान ने सेन्चुरी लगाई और PAK ओपनर्स ने 128 रन की साझेदारी की और टीम बड़े टोटल तक पहुंची। इसके बाद का मुकाबला एक तरफा ही नजर आया। बड़े टारगेट का पीछा करते हुए टीम इंडिया 30.3 ओवर में 158 रन पर ऑल आउट हो गई। इतना बड़ा टारगेट होने की वजह से शुरू में ही टीम इंडिया पर दबाव बनता दिखाई दे रहा था और जिसका डर था वही हुआ । पाकिस्तान ने अपने बड़े स्कोर का फायदा उठाते हुए भारतीय टीम पर पूरा दबाव बनाये रखा और शानदार जीत हासिल कर ली।

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