रवीश कुमार ने बताई भक्तों की शर्मनाक हकीक़त, फिर भी भक्तों को खुली चुनौती

देश के ईमानदार पत्रकार के रूप में जाने-माने NDTV के पत्रकार रवीश कुमार का हमेशा यही उद्देश्य रहता है कि जिन हालात और समस्याओं से देश की जनता पीड़ित है और उन परेशानियों से जूझ रही है जिन्हें मौजूदा सरकार द्वारा हल किया जाना चाहिए उन्हें अच्छी तरह से पेश करना जानते है। रवीश कुमार एक ऐसे पत्रकार है जो बाकि पत्रकारों की तरह चाटुकारिता नहीं करते है बल्कि असल में पत्रकारिता करते है। रवीश कुमार देश की समस्या को लोगों के सामने उजागर करने के लिए उन जगहों पर भी गए जहाँ तक बहुत कम पत्रकार जा पाते है। इसके साथ ही उन्होंने उन लोगों की समस्याओं को देश के सामने रखा और सरकार की नाकामियों का पर्दाफाश भी किया।

रवीश कुमार जब कई बार रिपोर्टिंग कर रहे होते है तो उनका सामना कई बार भक्त टाइप लोगों से भी हो जाता है जिन्हें वह अच्छी तरह लपेटकर जवाब देते है और उनकी बोलती बंद कर देते है। रवीश कुमार बताते है कि, कई बार ऐसे भक्तों से भी सामना हो जाता है जब मोदी की पोल खुल रही होती है तो वहां पर कुछ भक्तगण इकट्ठा हो जाते है और शोर शराबा करने लग जाते है। अभी नोटबंदी के दौरान रवीश कुमार का कई बार भक्तों से सामना हो चुका है और उन्होंने जब नोटबंदी समर्थन की बातें की और तो रवीश कुमार ने भक्तों को हकीक़त से रूबरू करवाया और आम जनता को होने वाली परेशानियों से रूबरू करवाया तो भक्तों की बोलती ही बंद हो गई।

मोदी की नोटबंदी की वजह से महिलाओं को होने वाली परेशानियों को भी रवीश कुमार ने देश के सामने रखा। मोदी के इस अचानक लिए गए इस फैसले पर रवीश कुमार ने मोदी सरकार की कुप्रबंधन व्यवस्था को भी लोगों के सामने उजागर किया। इस फैसले के कारण किसान लोग भी बर्बाद हो चुके है। जिसकी वजह से किसानो की नौबत यहाँ तक आ गई है कि उन्हें अपनी फसलों को सड़कों पर फेंकना पड़ रहा है। इसके अलावा जिनके घरों में शादियाँ है उन्हें भी बहुत बड़ी समस्या से सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा नोटबंदी के कारण देशभर में कई मौतें भी हो चुकी है। अरविन्द केजरीवाल ने भी इस फैसले को नोटबंदी की आड़ में इसको सबसे बड़ा घोटाला करार दिया है।

रवीश कुमार ने अपने प्राइम टाइम शो में उन भक्तों को खुलकर चुनौती दी है जो हर दम रवीश कुमार जैसे ईमानदार पत्रकार को गालियाँ देते रहते है। उन्होंने बताया कि, “सवाल करते रहिए, सवाल से डरे नहीं। सवाल करने का मतलब किसी को बचाना नहीं होता है बल्कि खुद को विश्वास दिलाना होता है। इसके साथ ही रवीश कुमार ने इशारों में भक्तों को चैलेंज करते हुए कहा कि, अगर आप भी गाली देने वालों की भीड़ में शामिल है तो एक बात समझ लीजिये कि, आज आप हमको गाली दे रहे है लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है कल कोई आपको गाली नहीं देगा।”

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