जूते मारने की धमकी देने वाले किरण रिजीजू का रवीश कुमार ने किया पूरा ऑपरेशन

नोटबंदी के बाद भारतीय जनता पार्टी के कई नोटों के घोटाले सामने आ रहे है लेकिन इसके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू का अरुणाचल प्रदेश में हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट का 450 करोड़ रूपये का घोटाला सामने आया है। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरेजवाला ने बताया कि, किरण रिजीजू ने जो घोटाला किया है उसके सबूत है उनके पास। इस पर रवीश कुमार ने अपनी ख़ास रिपोर्ट में किरण रिजीजू ने अच्छा सबक सिखाया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू के इस बयान का उन्होंने पूरा ऑपरेशन कर दिया है और उन्होंने बताया कि, एक गृह राज्य मंत्री को किस तरीके से जनता के सामने पेश आना चाहिए।

किरण रिजीजू ने विवादित बयान दिया था कि, “जो ऐसी न्यूज़ प्लांट कर रहे है वो हमारे यहाँ आयेंगे तो जूते खायेंगे।” हालाँकि, स्वधानिक पद पर बैठे उनसे यह उम्मीद की जाती है कि उनकी भाषा शालीन होनी चाहिए। रवीश कुमार ने बताया कि, ऐसे मंत्रियों की अगर भाषा शालीन न भी हो तो कम से कम लोकतांत्रिक तो होनी ही चाहिए। सामान्य लोग भी सचेत और अचेत रूप से जूता मारने की बात कर बैठते है। रविश कुमार ने बताया कि, “जातिगत और सामंती भाषा संस्कार हम सब में घुल-मिल गए है। हालाँकि होना यह चाहिए कि ऐसे संस्कारों से मुक्ति पाने के लिए सभी अपनी पूरी जिंदगी में अभ्यास करते रहे।”

लेकिन अगर कोई इतने ऊँचे पद पर बैठे किसी मंत्री को इसको विशेष रूप से लेना चाहिए। रवीश कुमार ने बताया कि, बाकि भाषा का तो पता नहीं लेकिन उत्तर भारत के संस्कार से हम बता सकते है कि, जूता मारने जैसे शब्द निहायत ही गुरूर और घमंड का प्रतीक है। क्योंकि इसका इस्तेमाल अक्सर कमजोर वर्ग के लोगों के खिलाफ किया जाता है। कई बार यार दोस्त एक दुसरे से ताकतवर होने के लिए भी कर देते है।

किरण रिजीजू का काम है भारत की आंतरिक सुरक्षा का संचालन करना, ये मंत्रालय पुलिस से लेकर अर्द्ध-बल सैनिको का शीर्ष मंत्रालय है। लेकिन किरण रिजीजू अपने ही अंडर में जो मंत्रालय है उसपर भरोसा नहीं करके और ऐसे कहते है कि, “जो ऐसे न्यूज़ प्लांट कर रहे है वो हमारे यहाँ आयेंगे तो जूते खायेंगे।” रवीश कुमार ने किरण रिजीजू की इस बात पर पूरा ऑपरेशन करके इस बात को दर्शकों तक पहुँचाने की कोशिश की है।

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