बड़ी ख़बर: कांग्रेस शासित राज्यों में CAA & NRC के खि!लाफ पार्टी उठाएगी ये बड़ा कदम

कांग्रेस शासित राज्यों में नागरिकता संशोधन कानू!न और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी के खि!लाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित किए जाने की तैयारी है। सीएए के खि!लाफ केरल विधानसभा में प्रस्ताव पारित होने के बाद अब कांग्रेस शासित राज्यों में भी इसकी तैयारी है। कांग्रेस शासित प्रदेशों की सरकारें भी अपने राज्यों की विधानसभा में सीएए के खि!लाफ प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को भेजेंगी।

असम के बाद कांग्रेस शासित राज्यों में उ!ठाया जाएगा ये कदम न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के ह!वाले से कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी CAA और NRC के खि!लाफ विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया जाएगा। शनिवार को इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई, जिसमें मोदी सरकार पर कई आरो!प ल!गाए गए। वहीं सीएए को वापस लेने और एनआरसी की प्रक्रिया को रो!कने की मां!ग की गई। वहीं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने कहा कि एनपीआर राष्ट्री!य नागरिकता पंजी (एनआरसी) का छि!पा हुआ रूप है।

ध!र्म के आधार पर लोगों को बां!टता है CAA-सोनिया सीडब्लूसी की बैठक में सोनिया गांधी ने सीएए के खि!लाफ प्रदर्श!नों और अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर चिं!ता ज!ताते हुए केंद्र सरकार पर ती!खा हम!ला बोला और कहा कि CAA भे!दभा!वपूर्ण और वि!भाजन!कारी कानू!न है, जिसका मक!सद भारत के लोगों को धार्मि!क आधार पर बां!टना है।

उन्होंने जेएनयू और अन्य जगहों पर युवाओं एवं छात्रों पर ह!मले की घ!टनाओं के लिए उच्च स्तरीय आयोग के गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और कुछ अन्य जगहों पर युवाओं और छात्रों पर ह!मले की घ!टनाओं की जांच के लिए विशेषाधिकार आयोग का गठन किया जाए।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने  बताया, ”सीएए के मु!द्दे पर पार्टी पहले से ही अलग अलग कार्यक्रमों, प्रेस वार्ताओं, ध!रना-प्रदर्श!नों के जरिये आ!वाज उ!ठा रही है. लेकिन अब सीएए, एनआरसी और एनपीआर के मु!द्दों के साथ ही जनहित के मु!द्दों को भी व्या!पक स्तर पर जनता के बीच उ!ठाया जाएगा.” सीडब्ल्यूसी की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि सीएए का म!कसद देश के लोगों को धार्मि!क आधार पर बां!टना है और 2020 का एनपीआर, एनआरसी का एक छि!पा हुआ रूप है.