कांग्रेस के इस नेता ने किया CAA का समर्थन, फिर शिवराज सिंह ने विपक्ष को दे दी ये नसीहत

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के विधायक हरदीप सिंह डं!ग ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का समर्थन करते हुए कहा कि सीएए और एनआरसी को अलग-अलग देखने की जरुरत है। अगर पड़ोसी देशों के स!ताए हुए लोगों को यहां नागरिकता दी जाती है तो इसमें कोई नु!कसान नहीं है।

मंदसौर जिले के सुवासरा विधानसभा सीट से विधायक डंग ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें सीएए और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) को अलग अलग देखना होगा। बता दें कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और विधायक लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट कर सीएए का वि!रोध करने वालों को से कहा है कि इस पर राजनीति बं!द करो।

एनआरसी और सीएए को आपस में मिलना गलत: यदि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प!रेशान लोगों को यहां सुविधा मिलती है तो इसमें नु!कसान नहीं है। लेकिन जो लोग पी!ढ़ियों से भारत में रह रहे हैं, अगर उनके पास दस्तावेज नहीं हैं तो क्या उन्हें देश का नागरिक नहीं माना जायेगा?’’ उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि सीएए और एनआरसी को अलग-अलग देखने की जरुरत है। हिन्दुस्तान में जो ल!ड़ाई चल रही है, वह समझ में नहीं आ रही है। एनआरसी और सीएए दोनों को आपस में मिलाना सबसे ग!लत बात है।”

मु!सलमान कह रहे हैं कि हमारे रोजगार की व्यवस्था करो: सीएए को लेकर राजगढ़ जिले के चांचौड़ा से कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट कर विरो!ध करने वालों को सलाह देते हुए कहा है कि नागरिकता संशोधन कानू!न पर राजनीति बं!द करो। मुसलमान कह रहे हैं कि हमारे रोजगार की व्यवस्था करो। रस्सी को ज्यादा खीं!चने से वह टू!ट जाती है। गौरतलब है कि लक्ष्मण सिंह ने इससे पहले 13 दिसंबर को भी ट्वीट कर सीएए पर कहा था कि संसद में कानू!न पारित हो चुका है और सभी राजनीतिक दल अपने विचार बता चुके हैं।

विपक्ष कर रहा है विरो!ध: बता दें कि सीएए कानू!न लागू होने के बाद से कांग्रेस पार्टी इस कानू!न का सड़क से लेकर संसद तक वि!रोध कर रही है। साथ ही इसी क्रम में विपक्ष के लगभग सभी पार्टीयां विरो!ध कर रही है। यही नहीं देश के कई राज्यों में इस कानू!न के खि!लाफ हिं!सक प्रदर्श!न देखने को मिल रहा है।

शिवराज सिंह ने दिया धन्यवाद

उन्होंने कहा कि ‘CAA में  यदि पा!किस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के लोगों को देश में सुविधा दी जाएगी है तो उसमें कोई बु!राई नहीं है. हालांकि, NRC लागू होने की संभावना पर हरदीप सिंह डंग ने कहा कि वो इसे सही नहीं मानते क्योंकि सालों से यहां रह रहे लोगों से अगर उनके भारतीय होने का प्रमाणपत्र मांगा जाता है तो ये गलत है.