गुरुग्राम पुलिस के सामने एक शख्स को हथौड़े से पीटते रहे कथित गौरक्षक, वायरल हुआ विडियो

राजधानी दिल्‍ली से लगे हरियाणा के गुरुग्राम में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने कानून व्‍यवस्‍था पर सवालिया निशान उठा दिया है। इस घटना ने साल 2015 में हुई दादरी मॉब लिंचिंग की याद दिला दी।

यहां गाय का मांस ले जाने के शक में एक पिकअप ड्राइवर को हथौड़े और लाठियों से बुरी तरह पीटा गया। गो रक्षकों ने ड्राइवर को उसी पिकअप में बांधकर घसीटा भी। ये सब जब हो रहा था तो भीड़ के साथ साथ पुलिस भी तमाशा देख रही थी।

घटना का वीडियो वायरल हो गया है जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जानकारी है कि पुलिस ने एक को गिरफ्तार भी किया है।

जानकारी के मुताबिक मेवात के लुकमान (25) को पुलिस की मौजूदगी में लोग बुरी तरह पीट रहे हैं। लुकमान ने बताया कि वह सुबह 9 बजे सेक्टर 4-5 चौक में पहुंचा था। उसकी पिकअप वैन में भैंस का मांस लदा हुआ था। इसी दौरान 5 दोपहिया वाहनों से कुछ युवक आए।

उन्‍होंने पिकअप को रुकवाया और लुकमान को गाड़ी से बाहर खींच लिया। उसके बाद उसे बुरी तरह पीटा गया। लुकमान जब अधमरा हो गया तो गो रक्षक उसे पिकअप में बांधकर बादशाहपुर गांव ले गए और वहां भी उसके साथ मारपीट की गई।

लुकमान ने पुलिस को बताया, ‘वे करीब 8 से 10 लोग रहे होंगे। उन्होंने मेरी ओर चिल्लाकर गाड़ी रुकवाई। मैं अपनी सेफ्टी के लिए गाड़ी दौड़ाने लगा। मैंने सदर बाजार में अपनी गाड़ी रोकी और उन लोगों ने मुझे खींचकर बाहर निकाला। गोमांस ले जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने मुझे हथौड़े से बेरहमी से मारा।’

उल्‍लेखनीय है कि साल 2015 में उत्तर प्रदेश के दादरी स्थित बिसहड़ा गांव में गोमांस रखने की अफवाह की वजह से लोगों ने अखलाक नामक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

इस घटना में मृतक के बेटे को भी गंभीर चोट आई थी। अफवाह फैली कि अखलाक और उसके परिवार ने गौमांस (बीफ) खाया है। इसके बाद 100 के करीब लोग रात 10 बजे अखलाक के घर पहुंच गए। उस समय अखलाक का परिवार सोने जा चुका था।

भीड़ ने घर का दरवाजा तोड़ दिया और अखलाक और उसके बेटे दानिश को नींद से जगाकर घसीटते हुए घर से बाहर ले आई। भीड़ के हमले में अखलाक की मौत हो गई। जबकि, दानिश बुरी तरह घायल हो गया। जिसके बाद यूपी के तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए जांच के आदेश दिए थे।

इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ चार्जशीट तैयार की गई थी। इस मामले के 18 आरोपियों में से एक आरोपी रवि सिसौदिया की जेल में मौत हो गई थी। जब उसका शव उसके गांव में घर पहुंचा था तो नोएडा के सांसद महेश शर्मा ने वहां पहुंचकर उसे सलामी दी थी।