भाजपा की बढ़ी चिंता, हार के बाद ये दिग्गज नेता करने लगे बगावत के सुर तेज

उत्तर प्रदेश की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट के उपचुनाव में बीजेपी की करारी हार का अब दुष्प्रभाव सामने आने लगा है। पहले से जहां विपक्ष का हमला बीजेपी को सहना पड़ रहा था वहीं अब पार्टी के अंदर से भी बगावत के आवाज सुनी जा रही है। शत्रुघ्न सिंहा के बाद अब बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने भी योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है।

स्वामी ने कहा कि अपनी सीट तक न जीत पाने वाले लोगों को बड़े पद देना लोकतंत्र में आत्महत्या करने जैसा है। इसके अलावा आजमगढ़ से सांसद रहे रमाकांत यादव और पटना के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने हार के लिए सीधे पार्टी नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है। रमाकांत यादव ने कहा कि दलितों और पिछड़ों को नजरअंदाज किए जाने के चलते ऐसा हुआ है।

योगी को दी सीएम पद छोड़ने की सलाह

एक साक्षात्कार के दौरान स्वामी ने कहा, ‘जो नेता अपनी सीट पर जीत नहीं दिला सकता, ऐसे नेताओं को बड़े पद देना लोकतंत्र में आत्महत्या करने जैसा है। जनता में जो लोकप्रिय हैं, वो किसी पद पर नहीं है। मैं समझता हूं कि इन सब चीजों को ठीक करने के लिए अब भी समय है।’

क्या शत्रुघ्न सिंहा हो गए हैं बागी

लंबे समय से पार्टी से बागी चल रहे शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट कर कहा, ‘सर, यूपी-बिहार के उपचुनाव के नतीजों ने आपको और हमारे लोगों को यह संकेत दिया होगा कि सीटबेल्ट बांधनी होगी। आगे कठिन समय है! उम्मीद है कि भविष्य में हम इस संकट से निपट सकेंगे। जितनी जल्दी हम इस समस्या को हल कर सकेंगे बेहतर होगा।

ये नतीजे राजनीतिक भविष्य के बारे में भी बताते हैं, इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।’ यही नहीं उन्होंने अखिलेश, मायावती और तेजस्वी यादव को बधाई भी दी। एक और ट्वीट में सिन्हा ने कहा, ‘मैं लगातार कहता रहा हूं कि अहंकार, गुस्सा और अतिआत्मविश्वास लोकतांत्रिक राजनीति में सबसे बड़े दुश्मन हैं। यह बात ट्रंप, मित्रों और विपक्षी नेताओं समेत सब पर लागू है।’

पिछड़ों व दलितों का मारा हक

रमाकांत यादव ने तो सीएम योगी आदित्यनाथ पर सबसे बड़ा आरोप लगाया है। पूर्वांचल में यादव वोटरों पर मजबूत पकड़ रखने वाले रमाकांत ने कहा, ‘पिछड़ों और दलितों को हक न दिए जाने के चलते ऐसा हुआ है। विशेष जाति को लेकर सरकार का कड़ा रुख दिखा। पिछड़े और दलितों के साथ जो किया जा रहा है, उसका परिणाम 2019 में दिखाई देगा।

यदि सभी को लेकर चलेंगे तो इसकी भरपाई की जा सकेगी।’ ‘प्रदेश में सीएम बना तो लगा कि अब सबकी चिंता की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।’ यही नहीं रमाकांत ने बीजेपी पर आरक्षण से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कहा, ‘पिछड़ों-दलितों के आरक्षण से छेड़छाड़ का प्रयास किया गया। उनके अधिकारों से छेड़छाड़ का प्रयास किया गया।’

ओमप्रकाश ने कर दिया बगावत का एलान

यूपी की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनहोंने 24 घंटे में लगातार दूसरा हमला बीजेपी पर किया है। रविवार को ही उन्होंने राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के समर्थन के सवाल पर भी कई बड़ी बाते कही थीं।

राजभर ने कहा, “हालांकि हम अभी भाजपा के साथ गठबंधन में हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या भाजपा ने राज्यसभा और गोरखपुर तथा फूलपुर लोकसभा सीटों के उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशी तय करने से पहले हमसे कोई सलाह ली थी?” राजभर ने कहा कि भाजपा ने नगरीय निकाय चुनाव में अपने प्रत्याशी खड़े किए, लेकिन क्या तब उसने गठबंधन धर्म निभाया? यहां तक कि लोकसभा उपचुनाव में भी भाजपा ने अपने सहयोगी दलों से यह नहीं पूछा कि उपचुनाव में उनकी क्या भूमिका होगी?

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजभर ने इस सवाल पर कि क्या उनकी पार्टी के विधायक क्रॉस वोटिंग करेंगे, कहा कि हम भाजपा के साथ गठबंधन में हैं और अगर वह गठबंधन धर्म नहीं निभाती है तो क्या हमें उसके साथ जाना चाहिए? राजभर ने कहा कि गोरखपुर में हाल में हुए लोकसभा उपचुनाव में उनकी पार्टी भाजपा को कम से कम 30,000 वोट दिलवा सकती थी, लेकिन ऐसा लगता है कि भाजपा की नजर में हमारी कोई उपयोगिता नहीं है।