रोजेदार इमरान को पीटना सिपाही को पड़ा महंगा, हुआ निलंबित

एसी मैकेनिक इमरान के साथ दिल्ली पुलिस के कॉन्सटेबल को मारपीट करना महंगा पड़ा. इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही निलंबित पुलिसकर्मी पर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.

दरअसल, इस युवक के साथ साउथ दिल्ली  में कथित तौर पर ‘लोगों को गले लगाने’ का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस के जवान और स्थानीय लोगों ने मारपीट की थी. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. जिसके बाद आरोपी कॉन्सटेबल पर कार्रवाई की गई. इस मामले की जांच जारी है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, इमरान नामक इस एसी मैकेनिक पर साउथ दिल्ली के एक कॉलोनी में लोगों से गले मिलने का आरोप लगाया गया. घटना गुरुवार की बताई जा रही है.

इसकी जानकारी मिलने के बाद आरोपी कॉन्सटेबल को निलंबित कर दिया गया है. इमरान के साथ ये घटना दिल्ली के सागरपुर इलाके में घटी जब वो अपने घर पैदल वापस लौट रहा था.

इस मामले में एडिशनल डीसीपी (साउथ-वेस्ट) इनगित प्रताप सिंह ने कहा कि इस वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मी की पहचान हो गई है. पुलिस कॉन्सटेबल सागरपुर थाने में तैनात था.

पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है. निलंबित पुलिकर्मी पर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. पुलिस के अनुसार, कॉन्सटेबल के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 और 321 के अंतर्गत मामला केस दर्ज किया गया है.

परिजनों ने कहा- लगाया जा रहा गलत आरोप

खबर के अनुसार, आरोपी पुलिसकर्मी ने स्थानीय लोगों को पीड़ित पर हमले के दौरान रोकने की कोशिश नहीं की. इस मामले में पीड़ित की बहन रवीना ने कहा कि उसके भाई पर गलत आरोप लगाया जा रहा है. रवीना ने कहा कि इमरान पार्क के पास टहल रहा था. जब पुलिसकर्मी ने उसे पकड़ लिया. इस कारण उसके भाई को लगा कि उसने लॉकडाउन का उल्लंघन किया और वो डरकर भागने लगा.

कोरोना कहकर चिख रहे थे लोग

रवीना ने कहा कि उसके भाई ने बताया है कि जैसे ही वो भागने लगा उसके बाद पुलिसकर्मी उसपर ‘कोरोना है’ कहकर चिखा. इमरान ने अपने परिजनों को बताया कि पुलिसकर्मी के साथ अन्य लोग भी उसपर हमला करने के शामिल हो गये. इमरान पर वहां मौजूद लोग कोरोना संक्रमित होने का आरोप लगा रहे थे.