बड़ी खबर: त!ल्खी के बीच पा!किस्तान को न्यौता देगा भारत, खु!ल सकता है द्विपक्षीय बातचीत का दरवाजा

भारत में इस साल के आखिर में Shanghai Cooperation Organisation (SCO) सदस्य देशों के शासन प्रमुखों की सालाना बैठक होगी। हिंदुस्तान से इसके लिए पाकिस्तान को भी न्यौता जाएगा। गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि समूह के सभी आठ सदस्य देशों, चारों पर्यवेक्षकों और संवाद साझेदारों को बैठक के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा, “प्रधानमंत्री स्तर पर हर साल बैठक होती है और इसमें एससीओ के कार्यक्रमों व बहुपक्षीय आर्थिक एवं व्यापार सहयोग पर चर्चा होती है।”

भारत की ओर से सभी एससीओ सदस्यों को न्यौता जाने का मतलब है कि पाकिस्तानी प्रतिनिधि भी (खुद पीएम इमरान खान या फिर उनका कोई मंत्री) इस इवेंट में हिस्सा लेने आएगा। ऐसे में उम्मीद है कि भारत अन्य नेताओं के साथ पाक पीएम इमरान खान की मे!जबानी कर सकता है। साथ ही दोनों मुल्कों में त!ल्खी के बी!च द्विपक्षीय बातचीत का द!रवाजा भी खुल सकता है।

अगर पीएम खान इस बैठक के लिए भारत आएंगे तब यह 2018 में मोदी सरकार के पीएम (दोबारा) बनने के बाद पहला मौका होगा, जब भारत पा!किस्तानी प्रधानमंत्री की मे!जबानी करेगा। हालांकि, भारत इसी के साथ पाक को लं!बे वक्त से यह कहता आया कि आ!तंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते हैं।

भारत और पाकिस्तान 2017 में एससीओ सदस्य बने थे। भारत की ओर से SCO प्रमुखों की सरकारी बैठक में आम तौर पर विदेश या रक्षा मंत्री भेजे जाते रहे हैं। हालांकि, पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस बैठक में पहले हिस्सा ले चुके हैं।

जून 2019 (बिश्केक में) में जब मोदी ने एससीओ प्रधानों की बैठक में हिस्सा लिया था तब इमरान खान भी वहां आए थे, पर तब मोदी और खान की द्विपक्षीय भेंट नहीं हुई थी। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी अक्टूबर 2019 में ताशकं!द में हुई एससीओ प्रमुखों की बैठक में शरीक हो चुके हैं।

बता दें कि SCO चीन के नेतृत्व वाला आर्थिक और सुरक्षा संबंधी सं!गठन है, जिसकी स्थापना 2001 में Russia, China, Kyrgyz Republic, Kazakhstan, Tajikistan और Uzbekistan ने की थी।