नीतीश के इस मुस्लिम विधायक को RJD ने लोकसभा उपचुनाव टिकट देकर मचाया हंगामा

बिहार में तीन सीटों पर उपचुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई है। शुरुआत अररिया से हुई है। अररिया लोकसभा सीट पर उपचुनाव होना है। इससे पहले ही आज शुक्रवार की देर रात आई खबर ने अरसे से चल रही राजनीतिक अटकलबाजी को लगभग विराम दे दिया है।

Tejashwi Yadav.

खबर है कि वर्तमान में अररिया के जोकीहाट से जदयू के विधायक सरफराज आलम पार्टी का दामन छोड़कर राजद का हाथ थाम सकते हैं। सरफराज आलम की एक तस्वीर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ वायरल हो रही है।

तेजस्वी यादव के साथ वायरल हो रही इन तस्वीरों में सरफराज आलम लालू प्रसाद-राबड़ी देवी के साथ वाली तस्वीर के नीचे तेजस्वी के साथ खुशनुमा माहौल में दिख रहे हैं। इस तस्वीर के सियासी मायने बहुत साफ़ हैं। मतलब कि जदयू विधायक सरफराज आलम ने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया है। कहा यह भी जा रहा है कि वे मंगलवार 13 फ़रवरी को जदयू को बाय-बाय कह देंगे। राजद उन्हें अररिया लोकसभा सीट से अपना कैंडिडेट बना सकती है।

JDU MLA Sarfaraj Alam.

सरफराज आलम के जदयू छोड़ने की बात काफी पहले से इलाके की राजनीतिक फिजाओं में चल रही थी। अररिया से राजद सांसद रहे स्व। तस्लीमुद्दीन की विरासत के जरिए अपनी सीट बचाए रखने के लिए राजद यहां से उनके बेटे सरफराज आलम को ही टिकट देने को तैयार था।

सरफराज आलम भी लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए जदयू और विधायकी दोनों छोड़ने को तैयार बताये जा रहे थे। सरफराज आलम को कैंडिडेट बनाने से उन्हें सहानुभूति वोट मिलने की बात भी है। हालांकि इन्हीं वोटों के लिए जदयू भी सरफराज आलम को अपना कैंडिडेट बनाने को तैयार था।

Nitish Kumar.

जोकीहाट सीट पर भाजपा की भी नजर है। इस सीट पर भाजपा की तरफ से पूर्व सांसद प्रदीप कुमार सिंह प्रमुख दावेदार बताये जा रहे हैं, लेकिन पूर्व विधायक जनार्दन यादव, राजेंद्र गुप्ता, दिलीप जायसवाल व शाहनवाज हुसैन के नामों की भी चर्चा है।

जदयू विधायक सरफराज आलम साल 2016 की शुरुआत में ही चर्चा में आ गए थे। अभी महागठबंधन की सरकार बने कुछ ही महीने हुए थे तभी सरफराज आलम पर डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में दिल्ली की ही एक महिला से कथित तौर पर छेड़खानी और बदसलूकी का आरोप लगा था।

lalu and tejashwi.

तब बिहार की राजनीति में यह बड़ा हंगामा बन गया था। बाद में 23 जनवरी 2016 को सरफराज आलम को पटना जीआरपी थाना में हिरासत में लिया गया था। हालांकि उन्हें तुरंत ही जमानत भी मिल गई थी। लेकिन तब महागठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था।