मांझी ने महागठबंधन में आने का खोला राज, लालू से फ़ोन पर हुई थी ये बात

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री रहते समय जो 34 निर्णय हुए थे वो एनडीए ने पूरे नहीं किए इससे निराश होकर उन्होंने एनडीए छोड़ी है। उन्होंने महागठबंधन में शामिल होने के बारे में कहा कि लालू यादव ने हमें जेल से फोन कर कहा था कि हमारी मदद कीजिए, इसलिए हम महागठबंधन में आए।

Lalu Prasad Yadav.

जीतनराम मांझी संग्रामपुर में 13वां जिला सम्मेलन कर अररिया में सोमवार को सभा करने जा रहे थे। इसी बीच उन्होंने कुछ देर के लिए भागलपुर में अपने विश्राम के दौरान पत्रकारों से ये बातें कहीं। वह अररिया में मंगलवार को तेजस्वी यादव के साथ सभा करेंगे।

उन्होंने कहा कि हम पार्टी के महागठबंधन में आने के साथ तेजस्वी के साथ एक डील की है कि हम एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाएंगे जिसमें 34 निर्णयों को अनुपालित करेंगे। उन्होंने कहा कि एनडीए में लोग हमारी अहमियत नहीं समझ रहे थे। भाजपा के लोगों ने हमारी 16 सीट पर समानांतर प्रत्याशी खड़े कर दिए थे। ऐसा नहीं करने पर विधानसभा में हमारे पास ये 16 सीटें रहतीं। भाजपा ने ही हमारी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) पार्टी को हराया है।

नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत रूप से समर्थक हूं

Modi.

मांझी ने कहा कि वह नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत रूप से समर्थक रहे हैं। मैंने उनसे कहा था कि कुछ मुद्दों पर मदद कीजिए जिसमें प्रोन्नति में आरक्षण का मामला था। न्यायपालिका में अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या बढ़ाई जाए। अनुसूचित जाति के आरक्षित सीट पर सिर्फ उसी वर्ग के लोगों को वोट का अधिकार हो।

पूर्व कृषि मंत्री के एक बयान पर उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह ने पहले ही लिखित में कहा है कि वह ‘हम’ पार्टी के सदस्य नहीं रहे हैं तो वह आज उस पार्टी में होने का कैसे दावा कर सकते हैं। पार्टी मेरी है और यह महागठबंधन में शामिल होने का निर्णय 28 जिलाध्यक्षों की सहमति पर हुआ है।

बिहार के विकास में बहुत गड़बड़ी 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास में बहुत गड़बड़ी है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि भविष्य में यदि तेजस्वी के मुख्यमंत्री बनने की बात होती है और इस पर सबकी सहमति होती है उन्हें कोई ऐतराज नहीं है।

Manjhi.

आठ अप्रैल को पटना में होना है सम्मेलन

आठ अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में पार्टी का सम्मेलन होगा। लेकिन इस सम्मेलन के पहले पार्टी के अंदर विभिन्न पदों पर फिर से चुनाव करा लिया जाएगा।