लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार को लगा ये बड़ा झटका, नीतीश को दिखने लगा डर

बिहार के सीएम नीतीश कुमार का बिहार में जनाधार घट रहा है,ऐसी संभावना नीतीश कुमार की विकास यात्रा की समीक्षा के लिए जहाँ जहाँ दौरा कर रहे है महादलित इलाको वाली जगहो पर बिहार सीएम नीतीश कुमार के काफिले पर पत्थर बरसाए गये है।

लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश को झटका.

बिहार की राजधानी पटना से करीब सौ किलोमीटर दूर बिहार के बक्सर जिले के नंदन गांव में विकास यात्रा की समीक्षा के लिए गये थे। लेकिन गांव के महादलित वाले इलाके में लोगों ने सीएम नीतीश के काफिले की गाड़ियों पर हमला कर दिया। महादलितों के इस विरोध के बाद नीतीश कुमार के लोकसभा चुनावों में जनता दल यूनाइटेड की पकड़ कमज़ोर होना बताया जा रहा है।

जनता दल यूनाइटेड ने सीएम नितीश कुमार के काफिले पर पथराव को लेकर दावा किया है कि इसमें लालू प्रसाद यादव की पार्टी रजद का हाथ है।वहीं जेडीयू के आरोप को खारिज करते हुए आरजेडी का कहना है कि सीएम नीतीश कुमार के विकास के दावे की पोल खुल गई है।

नीतीश कुमार पर बरसाएं पत्थर.

महादलित के इलाके में मुख्यमंत्री को विरोध का सामना करना पड़ा उसने नीतीश के मिशन 2019 पर सवाल खड़े कर दिये हैं। विकास की हकीकत क्या है इसका पता जांच के बाद चलेगा। लेकिन ये बात किसी से छिपी नहीं है कि बिहार में विकास के नाम पर कई जगहों से अनियमितता की खबरें पहले भी आ चुकी हैं। महादलित मोहल्ले से नीतीश कुमार के खिलाफ हुई बगावत काफी नुकसान पहुंचा सकती है।

नीतीश के काफिले पर हमला.

बिहार में 22 जातियो को दलित समुदाय का हिस्सा माना जाता है।इसमें चार फीसदी पासवान जाति है जिस पर राम विलास पासवान की पकड बताई जाती है बाकी दलित जातियां महादलित में आती हैं। दलित नेता उदय नारायण चौधरी, श्याम रजक नीतीश कुमार इस समय सीएम नीतीश कुमार से नाराज़ है महादलित जातियों में सरकार के खिलाफ गुस्से की एक वजह ये भी मानी जा रही है।

कुछ समय पहले तक महादलित वोटो पर नीतीश कुमार का एकछत्र सिक्का चलता था लेकिन महादलित से आने वाले जीतन राम मांझी अब नीतीश से अलग राह चुन चुके है हलाकि वो अभी NDA का हिस्सा है लेकिन उनका भी महादलितो पर प्रभाव सीमित रूप से बन चूका है ये बात भी साफ़ है कि उनकी नीतीश कुमार से नही बनती है वो आने वाले दिनों में नीतीश के लिए परेशानी खड़ी कर सकते है।

नीतीश के काफिले पर हमले से चोटिल सुरक्षाकर्मी.

वही कुछ राजनैतिक जानकारों के अनुसार महाराष्ट्र में दलितों के आन्दोलन के बाद बिहार के महादलितो का NDA से मोहभंग होना शुरू हो चूका है। महादलितो का विरोध के पीछे सिर्फ नीतीश कुमार ही वजह नही बल्कि भाजपा के खिलाफ गुस्सा भी वजह है।