नीतीश इस तरह भड़के तेजस्वी पर, तेजस्वी ने लगाई ऐसी फटकार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मुखिया लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। तेजस्वी को उन्होंने बाबू बताया, जिस पर वह बुरी तरह भड़क गए। आरजेडी नेता ने इसी के पलटवार में नीतीश को नसीहत दे डाली।

कहा, “हम गलत करें तो सीएम हमें पास बुलाएं। सही बात समझाएं। मगर वह दंगा करना या दंगाइयों को संरक्षण देकर जनादेश का अपमान करना सिखाएंगे तो यह हम नहीं सीखेंगे।” आपको बता दें कि सोमवार (26 मार्ट) को विधानसभा में नीतीश विपक्ष के नेता तेजस्वी की ओर से उठाए गए सवालों का सामना कर रहे थे। सीएम इस दौरान बेहद आक्रामक नजर आ रहे थे।

हुआ कुछ यूं था कि तेजस्वी ने राज्य में औरंगाबाद की स्थिति पर टिप्पणी की थी। सीएम ने इसी को लेकर वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी की ओर इशारा किया। कहा,” कुछ सीखीए। यही सब बात बोली जाती है सदन में।” बीच में दखल देने पर नीतीश तेजस्वी से यह भी बोले, “सुनो बाबू, अफवाहें सदन में नहीं उभरतीं।”

तेजस्वी ने इस बारे में मंगलवार को टि्वटर पर लिखा, “नीतीश जी ने सदन में हमें बाबू बोला। हम चाहते हैं कि अगर हम गलत करें तो वह हमें पास बुलाएं। समझाएं। सिखाएं। लेकिन अगर वह हमें दंगा करना, भड़काना, दंगाइयों को संरक्षण देना और जनादेश का अपमान करना सिखाएंगे तो हमें ऐसी चीजें हरगिज नहीं चाहिेए। बिल्कुल भी नहीं चाचा।”

नीतीश जी ने सदन में हमें बाबू बोला। हम चाहते हैं कि अगर हम गलत करें तो वो हमें पास बुलाएं, समझाएं, सिखाएं। लेकिन अगर वो हमें दंगा कराना, भड़काना, दंगाईयों को संरक्षण देना और जनादेश का अपमान करना सिखाएंगे तो हमें ऐसी सीख हरगिज़ नहीं चाहिए। बिल्कुल भी नहीं चाचा।

उन्होंने अगले ट्वीट में कहा, “सदन के भीतर नीतीश को झूठा व्यक्तवय देने से टोकने पर उन्होंने झुंझलाहट में मुझसे सदन में कहा- सुनो बाबू, राजनीति में लंबा करियर है। मैंने कहा- चाचा, मैं राजनीति में सेवा करने आया हूं। करियर बनाने नहीं। आप करियर बनाने के उद्देश्य से आए थे, इसलिए सभी पार्टियों के साथ रहे हैं।”

सदन के अंदर नीतीश जी को झूठा व्यक्तवय देने से टोकने पर उन्होंने झुँझलाहट में मुझसे सदन में कहा,”सुनो बाबू, राजनीति में लंबा कैरियर है”।

गौरतलब है कि बिहार इस वक्त दंगों की आग में जल रहा है। यहां के तकरीबन चार जिलों में सांप्रदायिक हिंसा फैली हुई है। भागलपुर और औरंगाबाद के बाद समस्तीपुर व मुंगेर में भी हिंसा की घटनाएं देखने को मिलीं। दोनों ही जगहों पर हालात से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और धारा 144 लगा दी गई है। इलाके में इसी के साथ इंटरनेट सेवा भी बंद की गई है।