एनपीआर के खि!लाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, मोदी सरकार को मिला ये नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खि!लाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र की मोदी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसरार उल हक मोंडल द्वारा दायर याचिका पर शीर्ष कोर्ट ने यह नोटिस जारी किया गया है। मोंडल ने नागरिकता संशोधित कानू!न (सीएए) और एनपीआर दोनों के खि!लाफ याचिका दायर की है।

गृह मंत्रालय द्वारा 31 जुलाई 2019 को जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक एनपीआर अप्रैल से शुरू होने वाला है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट नागरिकता संशोधन अधिनियम के खि!लाफ दाखिल याचिकाओं  पर नोटिस जारी कर चुका है। इन याचिकाओं पर 22 जनवरी को सुनवाई होगी।

दिसंबर 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्य‍क्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की जनगणना 2021 की प्रक्रिया शुरु करने और राष्ट्रीय जनसंख्या‍ रजिस्टर (एनपीआर) को शुरू करने को मंजूरी दी थी। जनगणना प्रक्रिया पर 8754।23 करोड़ रुपये और एनपीआर पर 3941।35 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

देश की पूरी आबादी जनगणना प्रक्रिया के दायरे में आएगी, जबकि एनपीआर में असम को छो!ड़कर देश की बाकी आबादी को शामिल किया जाएगा। नागरिकता कानू!न 1955 और नागरिकता नियम 2003 के तहत एनपीआर को पहली बार 2010 में तैयार किया गया था। आधार नंबर से जोड़े जाने के बाद साल 2015 में इसको अपडेट किया गया था।

जल्द ही देश भर में नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (National Population Register) की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। केंद्र सरकार (Central Government) ने इसे लेकर फिर से अधिसूचना जारी कर दी है। जनगणना 2021 (Census 2021) शुरू होने के बाद पहले चरण में हाउसहोल्ड यानी घरों को चि!ह्नित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक के बीच में किया जाएगा जिसका नाम हाउसहो!ल्ड लिस्टिंग है। सेंसस के पहले चरण में सिर्फ हाउसहोल्ड ही होंगे न कि व्यक्तिगत जानकारी। इसमें घर का मुखिया कौन है, घर में कौन-कौन सी सु!विधा है, कितने लोग हैं, ऐसे सवाल होंगे।

दूसरा चरण 2021 फरवरी में शुरू होगा जिसमें व्यक्तिगत सवाल होंगे, पहले चरण में घर में कितने लोग रह रहे हैं, ये जानकारी ली जाएगी ताकि ये पता चल सके कि गणना करने वाला शख्स कितनी जनसंख्या कवर कर रहा है।

2021 जनगणना में दूरदराज और कठिन इलाकों में सरकारी नुमाइंदे हेलीकाप्टर से भी जाएंगे। हालांकि पिछली बार 2011 के सेंसस में भी इसका इस्तेमाल हुआ था, लेकिन इस बार विस्तृत तरीके से इसका इस्तेमाल होगा। हाउसलिस्टिंग प्रक्रिया जो कि सेंसस के पहले चरण की है उसमें 31 शीर्षकों के अंतर्गत 34 सवाल होंगे।