बीजेपी के साथी ने लिया यू-ट!र्न, इस राज्य में ला!गू नहीं होगा CAA, हि!ले मोदी-शाह

जनता दल यूनाइटेड के उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि बिहार में संशोधित नागरिकता कानून ला!गू नहीं होगा। इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने ट्वीट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी संशोधित नागरि!कता कानू!न को नका!रने के लिए धन्यवाद भी कहा।

प्रशांत किशोर ने अपने ट्वीट में लिखा कि “मैं संशोधित नागरिकता कानू!न और एनआरसी को औ!पचारिक रूप से नका!रने के लिए सभी के साथ कांग्रेस नेतृत्व को धन्यवाद देता हूं। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इस मा!मले में अपनी कोशिशों के लिए खास धन्यवाद के हक!दार हैं। मैं सुनिश्चित करना चाहता हूं कि बिहार में सीएए-एनआरसी ला!गू नहीं होगा।”.

गौरतलब है कि जदयू अध्यक्ष और बिहार के सीएम नीतीश कुमार लोकसभा और राज्यसभा में संशोधित नागरिकता बिल का समर्थ!न कर चुके हैं। ऐसे में प्रशांत किशोर के ताजा ऐलान के बाद बिहार में संशोधित नागरिकता कानू!न को लेकर सवाल ख!ड़े हो गए हैं। बता दें कि प्रशांत किशोर एनआरसी और सीएए के खि!लाफ काफी मुखर रहे हैं और संशोधित नागरिकता कानू!न का जम!कर विरो!ध कर रहे हैं।

बता दें कि पश्चिम बंगाल, केरल, पंजाब की सरकारें भी अपने राज्यों में संशोधित नागरिकता कानू!न नहीं ला!गू करने की बात कह चुकी हैं। इनके अलावा मध्य प्रदेश और झारखंड सरकार भी संशोधित नागरिकता कानू!न ला!गू करने से पीछे ह!ट रही हैं।

हालांकि जानकारों का कहना है कि प्रदेश सरकारें इस कानू!न को लागू नहीं करने का फैसला नहीं ले सकतीं, क्योंकि नागरिकता संबंधी कानून केन्द्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।

क्या कहता है कि संविधानः संविधान की सातवीं अनुसूची में केन्द्र और राज्यों के बीच ता!कत का बं!टवारा किया गया है। भारत के संघीय ढां!चे में राज्यों के पास भी अधिकार हैं, लेकिन वह केन्द्रीय लिस्ट वाले अधिकारों में दखल नहीं दे सकते। संविधान में केन्द्रीय लिस्ट में 100 विषय हैं, जिन पर कानू!न बनाने का अधिकार केन्द्र सरकार के पास है, वहीं राज्य सरकारों के पास 52 विषय हैं, जिन पर राज्य सरकार कानू!न बना सकती हैं। नागरिकता संबंधी कानू!न का अधिकार केन्द्र सरकार के पास हैं, ऐसे में राज्य सरकार नागरिकता संबंधी कानू!नों को अपने राज्य में ला!गू करने से इं!कार नहीं कर सकते।