प्रियंका गाँधी ने केंद्र पर बोला बड़ा हमला, बीजेपी को “दुसरे राज्यों में फंसे मजदूरो की…”

दूसरे राज्यों में फं!से प्रवासी मजदूरों को अपने राज्यों में भेजने के लिए शुरू की गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में किराया वसूलने के मामले पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। कांग्रेस सहित विपक्ष की कई पार्टियों ने इस मामले पर सरकार को सीधे-सीधे घेरते हुए आरोप लगाया कि उसे गरीबों की परवाह नहीं है।

वहीं, रेलवे का कहना है कि वो राज्य सरकारों से केवल मानक किराया वसूल रहा है, जो इस यात्रा की कुल लागत का महज 15 फीसदी है। अब इस मामले को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है।

‘आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं’ प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मजदूर राष्ट्र निर्माता हैं। मगर आज वे दर दर ठोकर खा रहे हैं, यह पूरे देश के लिए आत्म-पीड़ा का कारण है।

जब हम विदेश में फंसे भारतीयों को हवाई जहाज से निशुल्क वापस लेकर आ सकते हैं, जब नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रु खर्च कर सकते हैं…..जब रेल मंत्री पीएम केयर फंड में 151 करोड़ रु दे सकते हैं तो फिर मजदूरों को आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते? भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि घर लौटने वाले मजदूरों की रेल यात्रा का पूरा खर्च उठाएगी।’

पूरे मामले पर रेलवे ने दी सफाई हालांकि, इस मामले में विवाद बढ़ने पर भारतीय रेलवे ने जवाब देते हुए कहा, ‘रेलवे राज्य सरकारों से इस वर्ग के लिए केवल मानक किराया वसूल रहा है, जो रेलवे द्वारा ली जाने वाली कुल लागत का महज 15 फीसदी है। रेलवे प्रवासियों को कोई टिकट नहीं बेच रहा है और केवल राज्यों द्वारा प्रदान की गई सूचियों के आधार पर यात्रियों को यात्रा करवा रहा है।

भारतीय रेलवे सामाजिक दूरी को बनाए रखने के लिए प्रत्येक कोच में बर्थ खाली रखते हुए श्रमिक विशेष ट्रेनें चला रहा है। ट्रेनें गंतव्य स्थान से खाली लौट रही हैं। रेल मंत्रालय द्वारा प्रवासियों को मुफ्त भोजन और बोतलबंद पानी दिया जा रहा है।’