बड़ी ख़बर: CAA के खि!लाफ अब इस राज्य में आएगा प्रस्ताव, बीजेपी को बड़ा झ!टका ?

केरल के बाद अब पंजाब सरकार भी नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) के खि!लाफ विधानसभा में प्रस्ताव ला सकती है। 16 जनवरी को शुरू होने वाले विधानसभा के सत्र में आरक्षित सीटों को दस साल तक और ब!ढ़ाने के लिए लोकसभा में पास किए गए एक्ट पर ही मुहर लगाई जानी है। इसमें सीएए और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्‍टर (एनपीआर) के खि!लाफ प्रस्ताव लाया जा सकता है।

सरकार के एक उच्च अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। आज होने वाली कैबिनेट बैठक में इस पर अं!तिम फैसला लिया जा सकता है। दो दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सभी कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इस मु!द्दे पर एकमत से विधानसभा में प्रस्ताव पास करने को कहा था।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह CAA का शुरू से ही विरो!ध कर रहे हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान और केंद्रीय कानू!न मंत्री रविशंकर प्रसाद के बयानों पर क!ड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने CAA को लेकर केंद्रीय कानू!न मंत्री रवि शंकर प्रसाद को तो क!ड़े शब्दों में दो पेज का पत्र लिखा है। कैप्‍टन ने पत्र में लिखा है ‘ केंद्र हमें इस तरह का गैर संवै!धानिक एक्ट ला!गू करने के लिए मजबू!र नहीं कर सकता। धर्म के नाम पर किसी के साथ पक्षपात नहीं किया जा सकता और न ही भारत का सं!विधान हमें ऐसा करने की इ!जाजत देता है।’

बता दें कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने लुधियाना में एक टिप्पणी की थी कि सीएए और एनआरसी केंद्र के विषय हैं और राज्यों को यह हर हा!लत में ला!गू करने होंगे। केरल विधानसभा ने जब यह गै!र सरकारी प्रस्ताव पारित किया तब भी भाजपा के केंद्रीय नेताओं ने ती!खी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि सीएए को पास करना केंद्रीय विषय है और राज्य सरकार को यह ला!गू करना ही होगा।

दिल्ली में बनी रणनीति

सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस के नेतृत्व में 20 विपक्षी दलों की मीटिंग में सीएए और राष्ट्रीय तौर पर करवाए जाने वाले नेशनल पापुलेशन रजिस्टर को वापस लेने की मांग की गई है। उधर, आम आदमी पार्टी ने बिजली समझौ!तों को र!द करने के खि!लाफ भी एक गै!र सरकारी प्रस्ताव व प्राइवेट बिल लाने का एलान किया हुआ है। पार्टी चाहती है कि राज्य में लगे तीनों प्राइवेट प्लांटों के साथ किए गए समझौ!तों को र!द किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों पर भारी बो!झ प!ड़ रहा है।