रामनवमी पर बिहार को दहलाने के लिए ऐसे लायी गई तलवारे, स्टिंग में खुलासा: देखें विडियो

बिहार में रामनवमी के मौके पर हुई हिंसा को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। खुलासे में बताया गया है कि बिहार में हुए दंगे से पहले उसकी पूरी तयारी की गई थी, इसके लिए कोरियर द्वारा 50 हजार से अधिक तलवारें बिहार मंगवाई गई थी।

खबर के मुताबिक, बिहार दंगे का स्टींग में यह खुलासा किया गया है कि यहां दंगा भड़काने की सोची समझी साजिश थी और इसके लिए कोरियर द्वारा 50 हजार से अधिक तलवारें बिहार मंगवाई गई थी। विडियो के अनुसार, सिर्फ पटना के एक व्यक्ति ने करोड़ों की तलवार मंगवाई। इन तलवारों का वीडियो में बताई गई कीमत लगभग 2।5 से 5 करोड़ तक बताई जा रही है और ये तलवारें कूरियर से डिलीवरी होती है।

इस बात को लेकर लोगों में खलबली है कि जहाँ एक साथ 500 से ज्यादा तलवारें नही बिक सकतीं, वहां 50 हज़ार से अधिक तलवारें कैसे आयीं, हैरानी की बात यह भी है कि कोरिअर से इनको डिलीवर भी किया गया।

भागलपुर ज़िले से शुरू हुई हिंसा धीरे-धीरे अपने पैर पसारते हुए औरंगाबाद, समस्तीपुर, मुंगेर होते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह ज़िले नालंदा तक पहुँच गई। शुक्रवार को नवादा जिले से भी हिंसा की ख़बरें आईं। साल 1989 में हुए भागलपुर दंगों के बाद छिटपुट घटनाओं को छोड़ कमोबेश बिहार ने साम्प्रदायिक हिंसा का दौर नहीं देखा।

चाहे नीतीश कुमार की सरकार रही हो या लालू प्रसाद यादव की। दोनों के शासनकाल में साम्प्रदायिक सौहार्द का माहौल बना रहा।यह पहली बार है जब क़ानून-व्यवस्था पर समझौता नहीं करने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बेबस दिख रहे हैं।

रामनवमी के मौके पर विभिन्न शहरों में निकाली गई शोभा यात्राओं के बाद राज्य का साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ा है।दंगा प्रभावित इलाक़ा पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। सवाल उठता है कि आख़िर बिहार में दंगे क्यों हो रहे हैं और नीतीश सरकार इस पर लगाम लगाने में असमर्थ क्यों दिख रही है?