अब UN ने घ!टाया देश की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान, इस साल भी रहेंगे ऐसे हा!लात

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने गुरुवार (16 जनवरी, 2020) को कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 5.7 फीसदी रह सकती है। यह वैश्विक निकाय के पूर्व के अनुमान से कम है। संयुक्त राष्ट्र के एक अध्ययन में कहा गया है कि कुछ अन्य उभरते देशों में जीडीपी (सकल घ!रेलू उत्पाद) वृद्धि दर में इस साल कुछ ते!जी आ सकती है। पिछले साल वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर सबसे कम 2.3 प्रतिशत रहने के बाद संयुक्त राष्ट्र ने यह बात कही।

संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक स्थिति और संभावना (डब्ल्यूईएसपी), 2020 के अनुसार 2020 में 2.5 प्रतिशत वृद्धि की संभावना है। लेकिन व्यापार त!नाव, वित्तीय उ!ठा-प!टक या भू-राजनीतिक त!नाव बढ़ने चीजें प!टरी से उतर सकती हैं। भारत के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रह सकती है।

हालांकि डब्ल्यूईएसपी 2019 में इसके 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान ज!ताया गया था। वहीं अगले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया जबकि पूर्व में इसके 7.4 प्रतिशत रहने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की जीडीपी वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष में 6.8 प्रतिशत रही।

इसी बीच भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में कश्मीर का विषय उठाने की कोशिश में पाकिस्तान की मदद करने पर गुरुवार को चीन को आ!ड़े हाथ लिया और कहा कि चीन को वैश्विक आम-सहमति पर गं!भीरता से सोचना चाहिए और भविष्य में इस तरह के कृ!त्य से बचना चाहिए। भारत ने चीन की मदद से कश्मीर मु!द्दे का अंत!रराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश के लिए पाकिस्तान पर भी नि!शाना साधा और कहा कि ह!ताश इस्लामाबाद घाटी के बारे में चिं!ताजनक परिदृश्य प्रस्तुत करते हुए आधारहीन आ!रोप लगा रहा है और उसमें विश्वसनीयता का अ!भाव है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने मीडिया से कहा कि पाकिस्तान अपनी ऊर्जा का रचनात्मक उपयोग कर बार-बार होने वाली इस वैश्विक र्शि!मंदगी से बच सकता है। पाकिस्तान के घनिष्ठ सहयोगी चीन ने बुधवार को न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद की एक बैठक में कश्मीर मु!द्दे को उठाने का फिर प्रयास किया। कुमार ने कहा कि सुरक्षा परिषद का बहुमत के साथ विचार है कि इस तरह के मु!द्दों के लिए यह सही मंच नहीं है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने यूएनएससी का दु!रुपयोग करने की कोशिश की। इस्लामाबाद के पास भविष्य में इस तरह की वैश्विक र्शि!मंदगी से बचने का विकल्प है। कुमार ने कहा कि चीन को इस वैश्विक सहमति पर गं!भीरता से विचार करना चाहिए और उचित सबक सीखना चाहिए और भविष्य में ऐसे कदम से बचना चाहिए।